ये है वो राज्य, जहाँ इस बार भाजपा चुनाव हारने वाली है

ये है वो राज्य, जहाँ इस बार भाजपा चुनाव हारने वाली है

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भाजपा का अश्वमेघ यज्ञ नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने शुरू किया था सन 2014 में, इसके बाद से लगातार बीजेपी एक के बाद एक राज्य में अपनी जीत का डंका बजाते हुए चली जा रही है, हालाँकि कुछ एक जगहों पर अटकले आयी और छोटी मोटी हारो का सामना भी करना पड़ा लेकिन उनसे कोई फर्क नही पड़ा और उसके बाद तो अब गुजरात और हिमाचल प्रदेश की जीत ने तो बीजेपी को सातवे आसमान पर लाकर के खड़ा कर दिया है लेकिन अब भाजपा की जीत को एक बहुत बड़ा ग्रहण लगने जा रहा है और ये ग्रहण ठीक वही से लगते हुए नजर आ रहा है जहाँ से इस पार्टी की जीत की शुरुआत हुई थी।

आप ठीक समझे, हम बात कर रहे है राजस्थान की जहाँ पर इन दिनों बीजेपी बिलकुल ही बेकफुट पर चल रही है और अगले ही साल राजस्थान में चुनाव भी होने वाले है तो ऐसे में राज्य सरकार का अपने ही राज्य पर कोई प्रभाव नही दिखाई दे रहा जबकि कांग्रेस बहुत ही अग्रेसिव तरीके से हमले बोल रही है और बीजेपी के कार्यकर्ताओं और जनता को नाराज करने का काम और कोई नही बल्कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया खुद कर रही है।

Source: News18.com

अगर हम पॉइंट टू पॉइंट की बात करे तो चलिये कुछ एक पॉइंट देखते है जिनके चलते बीजेपी इन दिनों राजस्थान में वोटो के मामले में पिछड़ सकती है।

  1. राजस्थान में बीजेपी में ही दो फाड़ हो चुके है जिनमे एक खेमा भाजपा के दिग्गज नेता घनश्याम तिवाड़ी खुद संभाल रहे है और वो किसी न किसी तरह से वसुंधरा राजे सिंधिया को नीचे लाने की कोशिश में लगे हुए है और इससे पार्टी को ही नुकसान हो रहा है।
  2. दूसरा सबसे बड़ा कारण स्वयं मुख्यमंत्री का तानाशाह रवैया और मंत्रियो का जनता के प्रति बेहद ही रूढ़ किस्म का व्यवहार जिससे लोगो में रोष है, वही मुख्यंमंत्री के द्वारा सोशल मीडिया सेंसरशिप और मीडिया पर लगाम जैसे प्रस्ताव पेश करना भी जनता को उनके खिलाफ भड़काने जैसा ही काम करता है।
  3. अगर बात करे अगले बिंदु की तो राजस्थान में हुए दो ह्त्याकाण्ड चतुर सिंह सोढा हत्याकांड और आनंदपाल सिंह एनकाउंटर केस में सरकार और राजपूत समाज के बीच लम्बे समय तक ठनी रही जिस वजह से चार प्रमुख जातियां राजपूत, रावणा राजपूत, चारण और राजपुरोहित वसुंधरा राजे से बैर रखना शुरू कर चुकी है और ऐसे में बीजेपी को इनसे वोट कटने की पूरी संभावना है।
  4. राज्य में हिंदुत्व के मुद्दे पर वोट देने वाले लोग भी निराश हुए है, राज्य सरकार की तरफ से हर बार हर केस में सेक्युलर शक्तियों को समर्थन करने से लोगो का मोह भंग हुआ है।
  5. विकास के नाम पर वोट करने वाले लोगो को भी विकास कही नजर नही आ रहा है, सोलर एनर्जी के क्षेत्र में कोई काम नही हुआ यहाँ तक की गहलोत सरकार जिस बाड़मेर रिफाइनरी के लिए काम कर रही थी वो काम अब तक इस सरकार के द्वारा पूरा नही किया जा सका है।
  6. इस कार्यकाल के दौरान सरकारी नौकरी की उम्मीद रखने वालो को भी निराशा ही हाथ लगी है।
Source: Livemint

ये कुछ एक मुख्य मुद्दे है जो भाजपा को राजस्थान में बैकफुट पर लाने का काम कर रहे है और ऐसे में अगर मोदी मेजिक चल जाए तो वो अपने आप में चमत्कार ही होगा।

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